रविवार, मार्च 13, 2011

गुगलवा बनाम गूगल


M Village Street





गुगलवा बनाम गूगल (व्यंग्य)
(Googlwa vs Google )

मुझे लगता है गूगल ने अपना नाम मेरे गाँव से लिया है क्योंकि ये तो जाहिर है की मेरा गाँव कम से कम २०० साल पुराना तो है और इस से ये साबित होता है की मेरे गाँव का नाम गूगल से नहीं पड़ा. गूगल का जन्म 1995 में हुआ था और मेरे दादा जी का जन्म 1895 को उसी गाँव में गूगल से 100 साल पहले हुआ था.

अगर आप गूगल को भोजपुरी (यूपी बिहारी )भाषा में Pronounce( उच्चारित ) करें तो वो "गूगल वा" है , यानि कुछ न कुछ तो है मेरे गाँव के नाम में वरना ऐसे ही उसका नाम ये नहीं होता | मेने कुछ रिसर्च किया तो लगा की दोनों में कुछ  विपरीत   समानता तो है जैसे :-

1. गूगल को पूरी दुनिया जानती है - मेरे गाँव को कोई नहीं जानता
2 .लोग गूगल पे दुनिया भर की जानकरी खोजते हैं - मेरे गाँव के लोग अपने ही गाँव में
    पानी,बिजली ,सड़के अस्पताल खोजते हैं जो कभी नहीं मिलते |

आप को मेरे गाँव की जानकारी गूगल (गूगल वा ) पर नहीं मिलेगी इसीलिए में कुछ जानकारी देना चाहता हूँ .  मेरे गाँव में कुछ धना सेठ भी है, जो कभी कभी गाँव के कुएं या मंदिर की टूटी हुई दिवार ठीक करवा कर उसपे अपने नाम की प्लेट लटका देते हैं या कभी सरकारी स्कूल में कुछ टूट फूट ठीक करवा देते हैं और इसका ढिंढोरा पिटवाना कतई नहीं भूलते. एक धना सेठ पुराने गेट को तोड़कर नया गेट लगाते वक़्त उसपे अपना नाम जरुर लिखवा देता है |

में एक बात बताना भूल ही गया , स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल का गाँव भी मेरे गाँव के पास में हैं और उस गाँव की हालत भी मेरे गाँव से अच्छी नहीं है | वैसे ये सब तो आज कल सभी गावों में होता है फिर में अपने गाँव को क्योंइसमें घसीट रहा हूँ ? वो इसीलिए क्योंकि बात मेरे गाँव और गूगल की चल रही है और दोनों आज के ज़माने में अपनी अपनीजगह पे जमे हुए हैं ,बे-खोफ के-धडक .एक दुनिया को खोज रहा है और दूसरा अपने आप को दुनिया में खोज रहा है |कोई है इनकी टक्कर का ? (हो सकता है गूगल की नज़र मेरे गाँव पे पड़े और उसकी (मेरे गाँव)  की  किस्मत चमक जाये )

"विक्रम" 13 -03 -2011

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5 टिप्‍पणियां:

  1. kya baat hai uncle aapne to ganve ka naam populer kar dea varna apne ganve ka naam btane mai 50 or naam btane padte the ki kaha hai ye ganv

    Or aapne jo likha wo kuch had tak sahi hai i realy like ur Blog

    Thanx Uncle

    उत्तर देंहटाएं
  2. Wah uncle itne mahan vichar apke, ap to hamre ganv ko ese chamka rhe ho jaise ki god ne kisi bejan me jan dal di ho or wo fir 1 nai manjil ko chuna chahta h apne thik kha ki google ko to sab jante h magar gugalwa ko koi nhi ham aaj bhi kisi anjan bhai ko apne ganv ka name batate h to wo yehi kahta h ki ye dunia ke konse kone me h....or hawre pas koi jawab nhi hota h, uncle gugalwa ke sabi persons yehi chate h ki aap ese hi ap hamere ganv ki mahanta ko yu hi apne vicharo me sjoye rakhe...,i like your blog
    thanks uncle

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  3. Wah uncle itne mahan vichar apke, ap to hamre ganv ko ese chamka rhe ho jaise ki god ne kisi bejan me jan dal di ho or wo fir 1 nai manjil ko chuna chahta h apne thik kha ki google ko to sab jante h magar gugalwa ko koi nhi ham aaj bhi kisi anjan bhai ko apne ganv ka name batate h to wo yehi kahta h ki ye dunia ke konse kone me h....or hawre pas koi jawab nhi hota h, uncle gugalwa ke sabi persons yehi chate h ki aap ese hi ap hamere ganv ki mahanta ko yu hi apne vicharo me sjoye rakhe...,i like your blog
    thanks uncle

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