सोमवार, दिसंबर 19, 2011

यादें


  वक़्त के साहिल से
  विचारों  के जाल
   अतीत में फेंक कर ,
 निकाल लेता हूँ
  कुछ डूबती  हुई
 यादें .....

  फिर ....

उन्हें जोड़कर ,
सिलसिलेवार....
और दोहराकर,
बना लेता हूँ मजबूत ,
यादों की हिलती बुनियाद

    और फिर ...


छोड़ देता हूँ विचारों को पुन:
अतीत के गहरे गर्त में
ताकि
ला सकें अपने साथ
किसी भूले बिसरे पल को .
सुनी हैं आज फिर
तल से आती फरियादें ...

"विक्रम"
                             
                                                                           : - :




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26 टिप्‍पणियां:

  1. ताकि ,
    ला सकें अपने साथ ,
    किसी भूले बिसरे पल को .

    कभी कभी यादें ही जीवन का सहारा बनती हैं ....
    हार्दिक शुभकामनायें आपको !

    उत्तर देंहटाएं
  2. वो साथ नही अब मेरे संग है तो बस भूली यादें
    कुछ लम्हे, कुछ यादें, तेरी सूरत और अधूरे वादे !
    बहुत सुंदर कविता है ! जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामना,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  3. यादें कहाँ भूलती हैं, आती हैं बस जा जाकर... सुन्दर
    जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

    उत्तर देंहटाएं
  4. क्षमा कीजिएगा यदि आपको मेरे विचार पसंद न आयें..कमेंट में लिखा है अपने विचार लिखें सो लिख रहा हूँ....मेरे विचार से यह कविता होती तो ऐसे होती..

    वक़्त के साहिल से
    विचारों के जाल
    अतीत में फेंक कर
    निकाल लेता हूँ
    कुछ डूबती हुई
    यादें .....

    फिर ....
    उन्हें जोड़कर ,
    सिलसिलेवार....
    बना लेता हूँ
    हिलती हुई बुनियादें ....

    और फिर ...पुन:
    छोड़ देता हूँ विचारों को
    अतीत के गहरे गर्त में
    ताकि
    ला सकें अपने साथ
    किसी भूले बिसरे पल को
    सुनी हैं आज फिर
    तल से आती फरियादें ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. और फिर ...पुन:
    छोड़ देता हूँ विचारों को
    अतीत के गहरे गर्त में
    ताकि
    ला सकें अपने साथ
    किसी भूले बिसरे पल को...bahut sundar bhaav.bahut achchi panktiyan.

    उत्तर देंहटाएं
  6. देवेन्द्र पाण्डेय जी , आपके कहे अनुसार यथा संभव परिवर्तन कर दिया है , किसी रचना की तारीफ से ज़्यादा उसकी विवेचना अहम होती है .बहुत बहुत शुक्रिया

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत खूब लिखा है आपने! उम्दा रचना! दिल को छू गई हर एक पंक्तियाँ ! बधाई!
    मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
    http://seawave-babli.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुंदर अहसास...सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति..

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति.
    बहुत अच्छी लगा पढकर.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  10. दिल को छूती सुंदर रचना,....बेहतरीन पोस्ट

    मेरी नई पोस्ट के लिए काव्यान्जलि मे click करे

    उत्तर देंहटाएं
  11. क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !
    मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
    http://seawave-babli.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत ही सुंदर भावों का प्रस्फुटन देखने को मिला है । मेरे नए पोस्ट उपेंद्र नाथ अश्क पर आपकी सादर उपस्थिति की जरूरत है । धन्यवाद ।

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
    मेरा शौक
    मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है,नई रोशनी में सारा जग जगमगा गया |
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.
    * नया साल मुबारक हो आप सभी को *

    उत्तर देंहटाएं
  15. कविता का तो जवाब नहीं, तस्वीर भी कमाल की लगाई है आपने...
    मेरे लिए तो हर पल , हर दिन नया है . हिन्दू नव वर्ष(२३ मार्च २०१२ ) की अग्रिम बधाइयाँ..आपको !
    .

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सुंदर प्रस्तुती बेहतरीन रचना,.....
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाए..

    नई पोस्ट --"काव्यान्जलि"--"नये साल की खुशी मनाएं"--click करे...

    उत्तर देंहटाएं
  17. अनुपम लेखन के लिए आपको बधाई.
    नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

    समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  18. bahut sundar vicharo avam gahan bhavo se likhi sundar
    rachana hai...

    उत्तर देंहटाएं

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