सोमवार, सितंबर 26, 2011

टांग खींचना एक कला







टांग खींचना आजकल उच्च दर्जे की कलाओं में शुमार किया जाता है ये वो संपदा है जो कुछ नसीब के धनी लोगों को विरासत में और कुछ ने अपनी मेहनत से अर्जित की है आने वाले दिनों में इसको जीविका के मुख्य उद्गम के तौर पे देखा जा रहा है एक वक़्त था जब चमचागिरी का बोलबाला था तथा चमचा लोगों का यत्र तत्र सर्वत्र बोलबाला था


आजकल भी येदा कदा नजर आ जातें हैं मगर गुणवत्ता में वो पहले वाला निखरापन नहीं है मगर इसका मतलब ये कतई नहीं है की चमचों का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया वो आज भी हमेशा की तरह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं , मगर इस बार उनका मुकाबला "टांग खिंचाऊं" संगठन से है जो अपने इस हुनर की बदोलत तेजी से फलफुल रहा है निकट भविष्य में टांग खींचने की इस कला पर काफी शोध होने है , और MBA जैसे संस्थान भी अपने अध्ययन में इस कला को इज्जत से नवाजेगें इस कला में अभी निपुण लोगों का आभाव है

बुधवार, सितंबर 21, 2011

दारु एक दवाई है करती चोखो काज



दारु एक दवाई है करती चोखो काज !
आज भर भर बोतल पिवन बेठ्यो समाज !
ई दारू में रजवाड़ा गया और गया राजाओ का राज !


अब भी सुधर जाओ थे मत होवो बर्बाद !
गहनों बिक गयो गांठो बिक्ग्यो बिकगी जमी जायदाद !
एक रिपिया री पैदा कोनी क्यूँ हो रया बर्बाद !

घरां पेली पावना आता बान चाय पानी री मनवार कराता !
अब मेहमाना न बोतल प्याओ !
नहीं मिले तो दो चार थैली ल्याओ !

नहीं मिली तो इज्जत जावे !
खाली रोटी घालता शर्म सी आवे !

पाड़ोसी के फोजी आयो दो चार बोतल जरुर ल्याओ !
कह लुगाई बेगा ल्याओ पावना न तो कीया जिया ही पाओ !

दारु आपां थ्री एक्स ले स्यां रिपिया रोकड़ी १५० देस्या !
रिपिया जेब में घाल्या घरां सु खाता खाता चाल्या !

घरां सु ठेके पर आया बा कुणसी है थ्री एक्स दे रे भाया !
घरां पावना आया चोखी दे जे रे भाया !

बाबोसा अबार ही गाडी आई थैली आपां २०० गिरवाई !
रिपिया में था सुं नगदी में ले स्या जना माल चोखो ही दे स्या !
दो चार बोतला अंग्रेजी में आई बे था खातर ही रखवाई !
बोतल कन्टेसा री आई बाने काढ पकड़ाई !

थैली दो दे दे कलासी बां न घाल ले स्यूं निरवाली !
थैली पेट में एक गेरी आयां हु गी घनी देरी !
घरां घरवाली खड़ी उडीके कठे आता दिखे !
आज सगली काली हु ज्यासी अब कुन सी हालत में आ सी !
अब मुस्किल सी घरां पुग्या घर का स लाल ताता हुग्या !

ले बोतला घरां पुग्या जना दो चार लुंका सागे हो ग्या !
आज पावना आया दिखे जना ही लुंका मन उडीके !
दो चार पेग मिल ज्य़ासी जना आज को काम बन ज्यासी !
अब बोतल अंग्रेजी री आई बोतल बाजोटा पर सजाई !

भायो गिलास कांच को ल्यायो लोटो पानी को पकडायो !
दारु गिलासा में घाली जतान प्लेट पापड की आली !
प्याला चाले है चोखा घरवाली बैठ गी है झरोखा !
अब सगा सगा करे है बात पीता पीता ढलगी रात !
अंग्रेजी दारु खत्म होगी अब खोल दी है थैली !


डाकिवाड़ो सूझ गयो आ ने आ शान कियां रेली !
टाबर फिरे आगे आगे कँवर सा रोटी कणा सी मांगे !
रोटी आधी रात मंगवाई बा भी ऊपर छात पर आई !
थाल बाजोटा पर आयो थाल ने चोखो घनो सजायो !
म्हारे घरां बटेऊ आया भोजन खीर खांड का बनाया !
फुलकी दूपडती बनवाई घी घाल र गल्घच करवाई !

सान्ग्र्या को रायतो बनायो टीटा को अचार !
अब पीकर हो गया बावला खानों गयो बेकार !

अब सगा गास्या दिरावे बेरियाँ ने मुंडा नजर न आवे !
सगा सगा आपस में बतलावे बात बा री समझ नही आवे !
अब रोटी जीमन रो होश नही है खानों निचे ढुल रियो है !
पीकर मतवाला बन गया है अन्न देव कियां रूस रिया है !

कुं विजेंद्र शेखावत (सिंहासन)

टीको टमको दायजो











टीको टमको दायजो !
बड़ियो घर घर आज !
फेल्यो सारे देश में !
दुखी फिरे समाज !

भेंस बिके पाडी बिके !
बिके जमीन जायदाद !
बेटा बेच बेच मोल ले !
आँ बापा लखदाद !

टुटयो आभो धरती घसगी !
कड़क बिजली घर में पड़गी !
बिगड्यो जापो पत्थर ल्याई !
करम फुट गया बेटी जाई !

सासु हाथ लगाया काना !
बड़ी जेठानी देवे ताना !
भुवा ननद ड्योढ़ी बोले !
हँसे देवरानी लुक लुक ओले !

सुसरो सुनी गाज सी पड़गी !
पूरा घर में सांस सी निकड गी !
उलटी रीत समाज री, करनी इणरी खोज !
बेटो जल्म्याँ हरख क्यूँ , क्यों बेटी ज्ल्म्याँ सोच !

दिन दिन बेटी बढ़ती जावे !
मान बापा ने सोच सी खावे !
जा ठुकरानी सा रोज जगावे !
आपने नींद क्यां री आवे !

स्यानी बेटी घर में मावे !
बात अनुती रोज सुनावे !
बाप निकल्यो टाबर दुंदन !
शहर गाँव री रोही खुदन !
सगा सम्बन्धी सारा पहुँच्यो !
जान आप री एक नही चुक्यो !

म्हारी घनी फूटरी बेटी स्यानी !
रंग रूप पदमनी रानी !
पढ़ी लिखी लक्षणा रो लाडो !
काम काज गुना रो गाडो !

आ बात कोई नही पूछे !
सम्बन्धी बात एक ही पूछे !
टीको टमको कतो क देस्यो !
ब्याव में खर्चो कतो क करस्यो !

बात सम्बन्ध री करने में !
हुवे है मोल और तोल !
खूब खरीदो टाबरिया !
ऊँची बोली बोल !

पढ़े पांचवी टाबर काणो !
मुंह ऊपर माता दानो !
महे बापजी बात नही खोली !
लागी पांच हजार री बोली !

छोड़ काणा न पढ़योडा रे पहुंच्या !
भाव सुन्या निहाल सा हु गया !

जाय कलेजे कीमत पूछी !
आँ को कीमत सब स्यूं ऊँची !

डिग्री दिख्याँ दायजो मांगे !
टीको और स्कूटर साधे !
कई कार बंगला रा भूखा !
देवे पदुतर लुखा सुखा !

कई बिलायत भेजे टाबर !
ओ खर्चो बेटी वालां पर !
कई बैंक रा नाम बतावे !
नाम टाबर रा चेक कटावे !

टाबर केवे देश में !
रिश्वत लेना पाप !
बिना पिसां पर्णा कोनी !
रिश्वत खोरा आप !

अब गांवड ल्या आगे आसी !
हर बातां में ऊँची जासी !
अब छोरियां आन्दोलन करसी !
बिकता टाबर नही परनसी !

अब तो छोरा ही चेत्या !
बिके नही बाप रे बेच्या !
अरं बापां थोड़ा सोचो !
बलद जियां क्यूँ म्हान बेचो !

बेटी वालो बेटी देवे !
ऊपर दान क्यां रो होवे !
बेटो घरां बाप के रहवे !
फेर कीमा क्यां री लेवे !

ऊँचा घर रो टाबर चावो !
तुला दान में सोनो ल्याओ !

बिकता मिनख बाजार में !
गुलाम जमाना माय !
आज पढ़या लिख्या बिक रहया !
आ तिलक दायजा माय !

जोड़ तोड़ इयान को बिठावे !
धन दायजो ज्यादा चाहवे !
कम मिल्या मन में पछतावे !
ले ले पिसा बेटा बयावे !

खून लाग री यो आंके मुंडे !
खरीददार बेटा रा ढूंढे !
बेटा बनया फिरे क्रांतिकारी !
अ बातां है आज्ञाकारी !

बुढलिया केवे देश में !
रिश्वत लने पाप !
बिना पिसा परना कोनी !
रिश्वत खोरा आप !

अब सारे देश में मातम छा गयो !
जिया तार मरण रो आ गयो !

नहीं हरख नही कोई हांसी !
सारे घर में घोर उदासी !
जापा वाली सिसक सिसक कर रोवे !
काचा जापा आख्याँ खोवे !

हिन्दू हाथ गाय सी मरगी !
कसूर कर दियो बेटी जन दी !

कुं विजेंद्र शेखावत (सिंहासन)

रविवार, सितंबर 11, 2011

Lifestyle बनाम जीवनचर्या




अक्सर शहर के लोग गाँव वालो को हिकारत की नजर से देखते हैं और उनको गवार समझते हैं।  कुछ समझदार शहर वाले तरस खाने वाले अंदाज में उनसे बात करते हैं गाँव के लोगो को आभाव में जीवनयापन करना पसंद। है वो बेकार के तामझाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर अपनी शांति में खलल डालना पसंद नहीं करतेमगर शहर के लोग कभी समझोता नहीं करते दिन रात ऐशोआराम  के बहाने तलाशने वाले चैन की नींद को तरस जाते हैं |

 

बड़े गाँव में ४०० से ५०० तक परिवार रहते हैं और वो हर एक सदस्य के बारे में खबर रखते हैं।  और एक दुसरे के सुख दुःख में  हर वक़्त तत्पर रहते हैं आज शहरों में बगल वाले मकान में कोन  रहता है।  पता नहीं अकेले रहने वाले बुजर्ग घरो में ही दफ़न हो जाते हैं।  बरसो बाद कोई आता है तो उनका कंकाल ही मिलता है। बच्चे  आज कल माँ-बाप को अकेला छोड़ विदेश चले जाते हैं , और बड़े बुजर्ग उनका इन्तजार करते करते दुनिया छोड़ देते हैं।  किस काम का ऐसा जीवन और एसोआराम ? अपने शरीर को आराम देना ही सच्चा सुख नहीं कभी अपनी आत्मा ,अपने दिल और दिमाग को भी उस  परमसुख की अनुभूति होने दो जिसका वो हक़दार है| आज में जहा रहता हूँ उसी अपार्टमेन्ट में 5 और परिवार रहते हैं , सभी के आने जाने का रास्ता एक ही है मगर बरसों गुजर जाते है एक दुसरे को देखे हुए बरसों बाद कभी आते जाते हलके से हाय हैलो या एक दुसरे की तरफ मुस्कराभर देते हैं।  इसके सिवा कोई सम्बन्ध नहीं है गावों में इसके विपरीत है , आप किसी को एक दिन ना देखे तो पूछने लगते है "वो आज कल दिखाई नहीं दे रहा" जब तक किसी से मिलकर दो चार घंटे बिता नहीं लेते चैन नहीं आता।  


शहर के लोगो के साथ एक बात और भी है और वो है समय का आभाव  हफ्ते में ६ दिन तो सुबह से रात होने तक घर चलाने के जुगाड़ में  लगे रहते हैं। छुट्टी के दिन लम्बे समय से बकाया कामों का निपटारा  कभी भूले भटके कम से छुट्टी ले भी ले तो बेचारे को १० कम निपटने  होते हैं , जैसे बिजली का बिल , गेस की बुकिंग , बच्चो के फ़ीस , राशन ,पानी,शोपिंग आदि  आदि।

 
मगर गाँव में लोगो की ऐश ही ऐश है  सही मायने में एक सही जीवन वो ही जी रहे हैं , मगर पता नहीं शहर वाले उनको "बेचारा" क्यों समझते हैं ? मगर शहर के लोगो के कुछ खास दोस्त भी है जो  अक्सर जीवनभर उनके साथ रहते हैं जैसे दिल, किडनी, रक्तचाप, मधुमेह की बीमारी।  गाँव के लोगो में बहुत कम देखने को मिलते हैं ये अनचाहे दोस्त, क्योंकि गाँव के लोग मेहनत ही इतनी करते हैं की ये अनचाहे दोस्त टिक ही नहीं पाते उनके साथ ।

आप सोचिये कहाँ रहना पसंद करेंगे ?
 




"विक्रम"

शनिवार, सितंबर 03, 2011

Windows 7 - Windows XP - Office 2010


  1. काफी इंतजार के बाद गूगल ने अपनी गूगल ड्राइव सर्विस लांच ही कर दिया, गूगल की नई गूगल ड्राइव की मद से यूजर वीडियो, गैलरी के अलावा डाक्यूमेंट को अपनी गूगल ड्राइव में अपलोड कर सेव कर सकेगा

    http://howto.cnet.com/8301-11310_39-57419559-285/how-to-get-started-with-google-drive/

    Get introduced to Google's new cloud storage service and find out how to start syncing and managing your files, photos, videos, and more.



1.Learn how to install Windows 7
Installing and reinstalling Windows 7
Windows 7 installation how-to, step by step - Computerworld
How to Install Windows 7

http://windows.microsoft.com/en-US/windows7/Installing-and-reinstalling-Windows-7
Windows 7 installation how-to, step by step - Computerworld
How to Install Windows 7
How to Create a Bootable Windows XP Setup CD/DVD from a Pre ...

how to format and install windows xp This explains step-by-step how to format hard drive partition using the Windows XP installation CD

How to format a computer and Reinstall Windows
How to Format Hard Drive and Install Windows Operating System
Format hard drive, reinstall Operating System,partition hard disk
how to format only 'C' drive
How to partition and format a hard disk by using Windows XP Setup ...
How to partition and format a hard disk by using Windows XP Setup ...


2.Remove Internet Explorer 8 and restore
How do I remove Internet Explorer 8 from Windows as a ...
Uninstall, Disable, or Delete Internet Explorer 8 from Windows 7 ...
How to remove internet explorer 8, and install internet explorer 7 ...
How do I remove Internet Explorer 8 from Windows as a ...
Uninstall, Disable, or Delete Internet Explorer 8 from Windows 7 ...
How to remove internet explorer 8, and install internet explorer 7 ...




3. Google Appsa
How to Buy Additional Google Apps Licenses : KnowledgeBase
Google Apps for Business | Purchase Google Apps Premier
How to Buy Additional Google Apps Licenses : KnowledgeBase
Google Apps for Business | Purchase Google Apps Premier


4. How much does it cost to set up Google Apps?How much does it cost to set-up Google Apps?

Apps for Business
Email, IM, voice and video chat Each user gets 25 GB of email and IM storage (50 times the industry average).


Anytime, anywhere access to your email Gmail is securely powered by the web, so you can be productive from your desk, on the road, at home and on your mobile phone, even when you're offline.

Sync with Android, iPhone & BlackBerry Get the benefits of Apps on leading mobile platforms

Search and find emails instantly Spend less time organizing email and find emails quickly with Google-powered search for your inbox.

Get less spam Powerful Gmail spam filtering helps you stay focused on what's important. Postini filtering lets you customize your spam protection.

 
http://www.sefari.net/how-much-does-it-cost-to-set-up-google-apps.php
Apparently, that depends on which version of Google Apps best suits your needs. Google Apps offers three versions of services: Standard, Premier and Education. You may read here the differences between the versions of Google Apps. Generally speaking, money wise, Google Apps Standard version and Education version are free (of course, not any organisation or individual can get the Education version), while the Premier version costs $50 (or equivalent amount of value in GBP and Euro) per user per year. For example, if your company has 10 employees, and each would like to have a Google Apps user account, it would cost you $500 per year. You may say, well, I also need an account for sales, or admin. Of course you can buy extra user accounts for these (typically email accounts), you can also set them up as Google Apps Groups, so that you wouldn’t have to pay a penny for these group accounts.



5. What about Googel Apps Domain Registration.
Domain registration One year domain registration costs $10 and includes these benefits at no additional cost:


•30 day free trial of Google Apps for Business pre-configured for your domain
•Full DNS control and management
•Private registration to protect your personal information
Google Apps for Business Google Apps for Business is a suite of online tools that includes custom email (@your_domain.com), calendar, documents and more. Plus, you get:
•Mobile access: manage your business from anywhere with access on all your web-enabled devices
•Easy collaboration: work virtually with employees, contractors, or partners in other locations by sharing online docs and editing them together, in real-time
•No hardware or software required: get started quickly with nothing to download or install
•Tons of storage: get plenty of space for all your emails and Google-powered search to find them instantly
http://www.google.com/apps/intl/en/business/domain.html

6. How to create Google apps email group alias

https://groups.google.com/a/googleproductforums.com/forum/#!category-topic/apps/how-to/Ppv2WpNigHY

7. A CNAME record  - MX Record.
Create a CNAME record - Google Apps Help
Creating Your MX Records & CNAME Records for Google Apps: (mt ...
DNS configuration for Google Apps - forum.slicehost.com


8. FACEBOOK

HOW TO HACK FACEBOOK ACCOUNTS' PASSWORDS WITHOUT ...
hack facebook password, how to hack facebook ... - Daily Motion

How to hack Facebook account? With our site you can hack any Facebook account
Hack Facebook: online password hacking


Hack Facebook Password


Learn How to Hack Facebook Password - Devil's Cafe
http://www.rafayhackingarticles.net/2010/01/4-ways-on-how-to-hack-facebook-password.html
How To Hack Facebook Passwords
How to hack facebook password
How to Hack a Facebook Password - Video
Hack Facebook password or accounts remotely ~ Hacking Tutorials ...
The Facebook Magic Trick


http://thenextweb.com/shareables/2009/11/17/facebook-magic-trick/




9. Google Docs - online documents with real-time collaboration
http://www.google.com/apps/intl/en-in/business/docs.html
Anytime, anywhere access to your work Google Docs is securely powered by the web, giving you the flexibility to be productive from your desk, on the road, at home and on your mobile phone, even when you're offline.


Works across operating systems Google Docs works in the browser on PC, Mac, and Linux computers, and supports popular formats such as .doc, .xls, .ppt, and .pdf.

Easily upload and share files Files stored on Google Docs are always accessible and backed-up online.

Secure access controls Administrators can manage file sharing permissions system-wide, and document owners can share and revoke file access at any time.


9.Office very slow opening docs (Word, Excel, Powerpoint),
Office 2010 first launch very very slow.
Office 2010 first launch very very slow
Opening files in Office 2010 slow! - Windows 7 Forums
Office very slow opening docs (Word, Excel, Powerpoint) - MS ...
1.) Open My Computer.


2.) Go to Tools -> Folder Options, and click on File Types.

3.) Find the extension of the file in question (XLS, DOC, etc.)

4.) Highlight the extension, and click \"Advanced.\"

5.) Highlight the \"Open\" Action, and click \"Edit.\"

6.) Click into the \"Application used...\" field, and scroll to the end

of the command.

7.) Put a space at the end, and type in \"%1\" (With the quotes.)

8.) Uncheck \"Use DDE.\"

9.) Click \"OK.\"