सोमवार, जुलाई 16, 2012

Quick Management Lesson (त्वरित प्रबंधन सबक)



एक दिन एक कुत्ता जंगल मैं रास्ता खो गया . तभी उसने देखा एक शेर उसकी तरफ  आ रहा है.कुत्ते की साँस रूक  गयी. "आज तो काम तमाम  मेरा!" उसने सोचा. फिर  उसने सामने  कुच्छ  सूखी  हड्डियाँ पड़ी देखी.वो आते हुए शेर की तरफ पीठ कर के बैठ गया और एक सूखी हड्डी  को चूसने लगा और ज़ोर ज़ोर से बोलने लगा, "वा ! शेर को खाने का मज़ा ही  कुछ  और है.  एक और मिल जाए तो पूरी दावत हो जाएगी!"  और उसने ज़ोर से   डकार मारा. इस बार शेर सकते में आ गया.  उसने सोचा "ये कुत्ता तो शेर का शिकार  करता है! जान बचा करा भागो!"  और शेर वहाँ से चंपत हो गया . 


पेड़ पर बैठा एक बंदर यह सब तमाशा देख रहा था. उसने सोचा यह मौका अच्छा है शेर को सारी कहानी बता देता हूँ - शेर से दोस्ती हो जाएगी और उससे ज़िंदगी भर के लिए जान का ख़तरा दूर हो जाएगा. वो फटाफट शेर  के पीछे  भागा . कुत्ते ने बंदर को जाते हुए देख लिया और समझ गया की कोई लोचा है. उधर बंदर ने शेर को सब बता दिया की कैसे कुत्ते ने उसे बेवकूफ़ बनाया है. शेर ज़ोर से दहाडा ,"चल मेरे साथ अभी उसकी लीला ख़त्म  करता हू" और बंदर को अपनी पीठ पर बैठा कर शेर कुत्ते की तरफ लपका.   


Can u imagine the quick management by the DOG......... ......... ...    


कुत्ते ने शेर को आते देखा तो एक बार फिर  उसकी  तरफ पीठ करके बैठ  गया और ज़ोर ज़ोर से बोलने लगा, "इस बंदर को भेज के 1 घंटा हो गया , साला एक शेर फाँस कर नही ला सकता!" 


 "अपने आस पास भी ऐसे बंदर होते है... पहचानना सीखो !"

-विक्रम 

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3 टिप्‍पणियां:

  1. छोटी और सारगर्भित कहानी है, जो हमे चापलूसों से बचने की सीख देने वाली कहानी है और परिस्थिति के अनुरूप ढलने की सीख देती है !

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  2. अलग अंदाज में अच्छा लिखते हैं आप..

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