राजपूत नारियां (क्षत्राणीयां)

भूमिका
 
भारतीय नारी के समस्त आदर्श यदि एक ही जगह कोई खोजना चाहें तो वे, एक आदर्श राजपूत नारी में देखे जा सकते हैं। राजपूत जाति का इस देश के इतिहास और संस्कृति के निर्माण में जो अनूठा योगदान रहा है उसे कोई नकार नही सकता। धर्म और स्वतंत्रता के लिए हंसते हंसते अपने प्राणों की बलि देना राजपूतों का प्रमुख कर्तव्य रहा है। अपनी आन-बान की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग करना राजपूतों में बहुत हो गर्व की बात समझी जाती रही है। राजपूतों की अद्भुत शौर्य-गाथाओं, वीरत्व प्रर्दशन और गैौरव गारिमा का मूल आधार राजपूतनारियां रही है। राजपूत रमणियों को ही राजपूत धर्म (रजपूती) की समुचित पालना का श्रेय जाता है। राजपूतों का शौर्य, उनकी युद्धप्रियता, स्वामिभक्ति, धरती प्रेम, वचन पालन इत्यादि भारत तो क्या पूरे विश्व में अतुलनीय है। और इसे अतुलनीय स्वरूप प्रदान करने में जीवन शक्ति के रूप में राजपूत नारियां ही सतत् पेरणादायिनी रही हैं।


 हमारे इतिहास में वीरों की शैौर्य गाथाओं का वर्णन तो बहुत मिलता है। किन्तु उन माताओं का जिन्होंने अपनी आन-बान और शान की रक्षार्थ अपने वीर पुत्रो को दूध की लाज रखने रणांगण में भेजा, उन अर्धागिनियों को जिन्होंने देश की रक्षा व धर्म पालन हेतु अपने चूड़े की लाज बचाने रणबांकुरे पतियों को युद्ध भूम में भेजा और वे वीरांगनाएं जो सतीत्व रक्षा के लिए जैौहर की आग में जलकर भस्म हो गयी। उन शक्तिरूपा सबलाओं के त्याग और शौर्य की गाथाओं का समुचित विवेचन नही हुआ जिन्होंने शत्रुदल का सफाया करने स्वयं हाथ में में खड्ग धारण कर रणचण्डी का रूप धारण किया। आवश्यकता पड़ने पर मोम की तरह नरम दिखने वाली राजपूत नारी सख्त चट्टान की भांति प्रबल से प्रबल इझावात के सम्मुख समर्थ खड़ी रही। परन्तु दुर्भाग्यवश पुरुष के वीरत्व गर्जन के आगे नारी की अन्तः प्रवाहिनी शक्ति धारा प्रायः खों से ओझल ही रही। राजपूत नारी की वीरता, साहस, त्याग,दृढ़ संकल्प, कष्ट सहिष्णुता, धर्म और पति-परायणता, शरणागत वत्सलता स्तुत्य रही है। अपने शील व स्वाभिमान की रक्षा के लिए वीर माता, वीर, पत्नी और वीर पुत्री के रूप में उसकी जो महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है ,उस पर संक्षेप मे प्रकाश डाला गया है । (राजपूत नारियाँ )
 
----क्रमांक--------क्षत्राणी---------लिंक-----
01उर्मिला (Urmila)Link
02कुन्ती (Kunti)Link
03कैकयी (Kaikayi)Link
04देवकी (Devki) Link
05तारामती (Taramati) Link
06दमयन्ती (Damyanti) Link
07कौशल्या (Koushlya) Link
08गांधारी (Gandhari)Link
09जना (Jana) Link
10रोहिणी (Rohini) Link
11लोपामुद्रा (Lopamudra)Link
12विदुला (Vidula) Link
13वेदवती (Vedwati) Link
14श्रुतकीर्ति (Srutikriti) Link
15शकुंतला (Shakuntala) Link
16देवहुति (Devhuti) Link
17द्रोपदी (Dropadi)Link
18माण्डवी (Mandavi) Link
19माद्री (Madri) Link
20यशोदा (Yashoda)Link
21रुक्मणी (Rukmani) Link
22रेवती (Rewati)Link
23रुक्मणी (Rukmani) Link
24मीरा (Mira)Link
25सुनीति (Suniti)Link
26सुभद्रा (Subhdara)Link
27पद्दमिनी(Padmini)Link
28रानीबाई(Rani Bai)Link
29उदयमती (Udaymati)Link
30चारुमति (Charumati)Link
31जवाहरबाई(JawahrBai)Link
32हांडीरानी-(HandaRani)Link
33सुमित्रा-(Sumitra)Link
34वाकपुष्टा-(Wakpushta )Link
35सुमति-(Sumati)Link
36पृथा-(Pritha)Link
37ताजकुँवरी-(TajKunwari)Link
38DdLink

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